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शुक्र ग्रह की वक्री चाल

 शुक्र सिंह राशि में वक्री: तिथि और समय  ज्योतिष में सुख, संपत्ति आदि के कारक ग्रह शुक्र 23 जुलाई 2023 की सुबह 6 बजकर 01 मिनट पर सिंह राशि में वक्री होने जा रहे हैं।जिस कारण आशंका है कि आपको ऋण/लोन लेना पड़ जाए। करियर के लिहाज़ से शुक्र सिंह राशि में वक्री आपके लिए अनुकूल प्रतीत नहीं हो रहा है। इस अवधि में कार्यक्षेत्र में काम का दबाव बढ़ सकता है। वरिष्ठों की तरफ से भी कुछ परेशानी झेलनी पड़ सकती है और संभावना है कि आपको अपने काम के लिए सराहना भी प्राप्त न हो। इसके चलते आप नौकरी बदलने का विचार भी कर सकते हैं। यदि आप इस दौरान प्रमोशन का इंतजार कर रहे हैं तो हो सकता है कि आपकी मनोकामना पूर्ण न हो। व्यवसाय कर रहे जातकों के लिए यह अवधि कुछ ख़ास परिणाम देती नज़र नहीं आ रही है। जो जातक बिज़नेस से अच्छा मुनाफा कमाने की उम्मीद में हैं उन्हें निराशा हाथ लग सकती है और साथ ही, आपको व्यापार में कड़ी प्रतिस्पर्धा मिलने की आशंका है जिसका सामना करना आपको मुश्किल प्रतीत हो सकता है। इसके अलावा व्यापारिक लेन-देन में भी हानि का सामना करना पड़ सकता है। शुक्र सिंह राशि में वक्री आपके आर्थिक जीवन में उत...

बजरंग बाण

  बजरंग बाण " दोहा " "निश्चय प्रेम प्रतीति ते, बिनय करैं सनमान।" "तेहि के कारज सकल शुभ, सिद्ध करैं हनुमान॥" "चौपाई" जय हनुमन्त सन्त हितकारी। सुन लीजै प्रभु अरज हमारी।। जन के काज विलम्ब न कीजै। आतुर दौरि महासुख दीजै।। जैसे कूदि सिन्धु महि पारा। सुरसा बदन पैठि विस्तारा।। आगे जाई लंकिनी रोका। मारेहु लात गई सुर लोका।। जाय विभीषण को सुख दीन्हा। सीता निरखि परमपद लीन्हा।। बाग़ उजारि सिन्धु महँ बोरा। अति आतुर जमकातर तोरा।। अक्षयकुमार को मारि संहारा। लूम लपेट लंक को जारा।। लाह समान लंक जरि गई। जय जय धुनि सुरपुर में भई।। अब विलम्ब केहि कारण स्वामी। कृपा करहु उर अन्तर्यामी।। जय जय लक्ष्मण प्राण के दाता। आतुर होय दुख हरहु निपाता।। जै गिरिधर जै जै सुखसागर। सुर समूह समरथ भटनागर।। ॐ हनु हनु हनुमंत हठीले। बैरिहिंं मारु बज्र की कीले।। गदा बज्र लै बैरिहिं मारो। महाराज प्रभु दास उबारो।। ऊँकार हुंकार प्रभु धावो। बज्र गदा हनु विलम्ब न लावो।। ॐ ह्रीं ह्रीं ह्रीं हनुमंत कपीसा। ऊँ हुं हुं हुं हनु अरि उर शीशा।। सत्य होहु हरि शपथ पाय के। रामदूत धरु मारु जाय के।। जय जय जय ...

सिद्ध कुंजिका स्तोत्र पाठ

  शिव उवाच ।। शृणु देवि प्रवक्ष्यामि कुंजिकास्तोत्रमुत्तमम्। येन मन्त्रप्रभावेण चण्डीजाप: भवेत्।।1।। न कवचं नार्गलास्तोत्रं कीलकं न रहस्यकम्। न सूक्तं नापि ध्यानं च न न्यासो न च वार्चनम्।।2।। कुंजिकापाठमात्रेण दुर्गापाठफलं लभेत्। अति गुह्यतरं देवि देवानामपि दुर्लभम्।।3।। गोपनीयं प्रयत्नेन स्वयोनिरिव पार्वति। मारणं मोहनं वश्यं स्तम्भनोच्चाटनादिकम्। पाठमात्रेण संसिद्ध् येत् कुंजिकास्तोत्रमुत्तमम्।।4।। ।। अथ मंत्र :-।। ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे। ॐ ग्लौ हुं क्लीं जूं स: ज्वालय ज्वालय ज्वल ज्वल प्रज्वल प्रज्वल ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ज्वल हं सं लं क्षं फट् स्वाहा।” ।। इति मंत्र:।। नमस्ते रुद्ररूपिण्यै नमस्ते मधुमर्दिनि। नम: कैटभहारिण्यै नमस्ते महिषार्दिन।।1।। नमस्ते शुम्भहन्त्र्यै च निशुम्भासुरघातिन।।2।। जाग्रतं हि महादेवि जपं सिद्धं कुरुष्व मे। ऐंकारी सृष्टिरूपायै ह्रींकारी प्रतिपालिका।।3।। क्लींकारी कामरूपिण्यै बीजरूपे नमोऽस्तु ते। चामुण्डा चण्डघाती च यैकारी वरदायिनी।।4।। विच्चे चाभयदा नित्यं नमस्ते मंत्ररूपिण।।5।। धां धीं धू धूर्जटे: पत्नी वां वीं वूं वागधीश्वरी। क्...

केतु करेंगे नछत्र परिवर्तन

मीन राशि मीन राशि के जातकों के लिए केतु आठवें भाव में विराजमान होंगे और इसके परिणामस्वरूप आपके स्वास्थ्य में गिरावट देखने को मिल सकती है या आपकी स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं बढ़ सकती हैं। आठवें भाव में स्थित केतु जीवन के लिए खतरा पैदा कर सकती है और ऐसे में आप किसी  दुर्घटना, दीर्घकालिक बीमारी आदि का शिकार हो सकते हैं। यदि कुंडली में शुक्र और मंगल की स्थिति खराब है तो आपकी समस्या  सिंह राशि सिंह राशि के जातकों के लिए तीसरे भाव में केतु विराजमान होंगे और यदि कुंडली में मंगल अच्छी स्थिति में मौजूद हैं तो यह गोचर आपको अपार साहस प्रदान करेगा। हालांकि, यह आपके और आपके प्रियजनों के बीच एक संवादहीनता पैदा कर सकता है लेकिन बुध सिंह राशि के जातकों के लिए एक अनुकूल ग्रह है और ऐसे में, यह चीजों को इतनी जल्दी हाथ से निकलने नहीं देगा। इस दौरान आपके छोटे भाई-बहनों के साथ अनबन हो सकती है इसलिए आपको थोड़ा सतर्क रहने की सलाह दी जाती है। कन्या राशि कन्या राशि के जातकों के लिए दूसरे भाव में केतु मौजूद हैं और इसके परिणामस्वरूप इस दौरान आपकी वाणी में कठोरता देखने को मिल सकती है इसलिए इस दौरान आपको बड़ी...

केतु करेंगे नछत्र परिवर्तन

  मेष राशि मेष राशि वालों के लिए केतु सातवें भाव में मौजूद रहेंगे। यदि आप अपने वैवाहिक जीवन में समस्याओं का सामना कर रहे हैं तो निश्चित रूप से इस दौरान आपको राहत की सांस मिलेगी क्योंकि आपके और पार्टनर के बीच मधुर संबंध स्थापित होंगे। यदि आपकी शादी में देरी या बाधाएं आ रही थी तो निश्चित रूप से इस अवधि में विवाह के योग बनेंगे लेकिन यह शुक्र की स्थिति पर निर्भर करेगा। पार्टनरशिप में व्यवसाय कर रहे लोगों को बिज़नेस में सकारात्मक परिणामों की प्राप्ति होगी। वृषभ राशि वृषभ राशि के जातकों के लिए केतु छठे भाव में विराजमान होंगे। इस दौरान आपके विदेश जाने के योग बनेंगे। यदि महादशा उपयुक्त है, तो आपके विदेश में भी बसने के कई रास्ते खुल सकते हैं। केतु का यह गोचर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को सफलता दिलाने में भी मदद कर सकता है और आप अपने शत्रुओं-विरोधियों पर विजय प्राप्त कर सकते हैं क्योंकि यह आपके छठे भाव के स्वामी हैं। मिथुन राशि मिथुन राशि वालों के लिए केतु पांचवें भाव में मौजूद रहेंगे। इस अवधि के दौरान केतु आपके प्रेम जीवन में समस्याएं पैदा कर सकता है। छात्रों को पढ़ाई पर ध...

गुरु का नक्षत्र परिवर्तन

  तुला राशि:   तुला राशि के जातकों का प्रदर्शन इस समय बेहद ही शानदार होने वाला है। आपको नए अवसर मिल सकते हैं। नौकरीपेशा जातकों को पदोन्नति मिलने के योग बनेंगे। जो लोग पहले से व्यापार के क्षेत्र में जुड़े हैं उनके सामने भी नए अवसर आएंगे। अपने कंपनी को या अपने काम को आगे बढ़ाने के लिए यह समय बेहद ही शानदार रहेगा। इसके अलावा आप इस समय शॉर्टकट से या फिर सट्टा आदि के माध्यम से भी कमाई करने में कामयाब रहेंगे। यहां केवल इस बात पर ध्यान रखें कि आप जिस भी तरीके से पैसा कमा रहे हैं वह साधन नैतिक और निष्पक्ष होना चाहिए।  वृश्चिक राशि:  वृश्चिक राशि के जातकों को गुरु के इस गोचर के दौरान नौकरी में कुछ बदलाव, व्यापार में उतार-चढ़ाव, देखने को मिल सकता है। इस राशि के जो जातक सरकारी सेवा या न्यायपालिका से जुड़े हुए हैं उनके लिए यह समय शानदार रहेगा। वकीलों और जजों के लिए भी यह समय अनुकूल रहेगा। यदि आपका कोई मामला अब तक कोर्ट में फंसा हुआ था तो यह आपके पक्ष में आ सकता है। जो लोग व्यापार में जुड़े हुए हैं उन्हें सावधान रहने की सलाह दी जाती है। इस दौरान कोई भी नया प्रोजेक्ट शुरू करने से ...

गुरु का नक्षत्र परिवर्तन

  कर्क राशि:   गुरु कर्क राशि के जातकों के दसवें भाव में विराजमान है। ऐसे में इस राशि के जो जातक निजी क्षेत्र में कार्यरत हैं उन्हें वांछित परिणाम प्राप्त करने के लिए अधिक मेहनत करने की आवश्यकता पड़ेगी। जो जातक सरकारी नौकरी के क्षेत्र से जुड़े हैं उन्हें इस गोचर का लाभ मिलेगा लेकिन अगर बृहस्पति आपकी कुंडली में पहले से ही नकारात्मक स्थिति या कमजोर अवस्था में मौजूद है तो कुछ जातकों की नौकरी पर बात बन सकती है या फिर उन्हें अपने कार्यस्थल पर राजनीति का सामना करना पड़ सकता है या नौकरी भी गंवानी पड़ सकती है इसीलिए अपने काम में सावधानी बरतें। व्यवसाई जातकों के लिए यह समय कुछ खास अच्छा नहीं रहने वाला है। कर्क राशि के व्यवसाई जातकों को अपने जीवन में सुस्ती का अनुभव हो सकता है क्योंकि चीजें आपके मुताबिक नहीं बढ़ती नजर आएंगे।  सिंह राशि:  सिंह राशि के जातकों के लिए बृहस्पति नौवें भाव में स्थित है। ऐसे में बृहस्पति का गोचर सिंह राशि के जातकों के करियर पक्ष पर चीजें आसान करेगा क्योंकि इस दौरान भाग्य आपके पक्ष में रहने वाला है। जो लोग निजी क्षेत्र में काम करते हैं उन्हें वांछित पर...