केतु करेंगे नछत्र परिवर्तन


मीन राशि

मीन राशि के जातकों के लिए केतु आठवें भाव में विराजमान होंगे और इसके परिणामस्वरूप आपके स्वास्थ्य में गिरावट देखने को मिल सकती है या आपकी स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं बढ़ सकती हैं। आठवें भाव में स्थित केतु जीवन के लिए खतरा पैदा कर सकती है और ऐसे में आप किसी  दुर्घटना, दीर्घकालिक बीमारी आदि का शिकार हो सकते हैं। यदि कुंडली में शुक्र और मंगल की स्थिति खराब है तो आपकी समस्या 

सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों के लिए तीसरे भाव में केतु विराजमान होंगे और यदि कुंडली में मंगल अच्छी स्थिति में मौजूद हैं तो यह गोचर आपको अपार साहस प्रदान करेगा। हालांकि, यह आपके और आपके प्रियजनों के बीच एक संवादहीनता पैदा कर सकता है लेकिन बुध सिंह राशि के जातकों के लिए एक अनुकूल ग्रह है और ऐसे में, यह चीजों को इतनी जल्दी हाथ से निकलने नहीं देगा। इस दौरान आपके छोटे भाई-बहनों के साथ अनबन हो सकती है इसलिए आपको थोड़ा सतर्क रहने की सलाह दी जाती है।

कन्या राशि

कन्या राशि के जातकों के लिए दूसरे भाव में केतु मौजूद हैं और इसके परिणामस्वरूप इस दौरान आपकी वाणी में कठोरता देखने को मिल सकती है इसलिए इस दौरान आपको बड़ी ही सावधानी से शब्दों का इस्तेमाल करने की आवश्यकता हो सकती है क्योंकि आपकी बातों का गलत मतलब निकाला जा सकता है। केतु के प्रभाव से परिवार में दूरियां पैदा हो सकती है। यह अवधि आपके आर्थिक जीवन में भी उतार-चढ़ाव ला सकती है और इस दौरान बचत करना आपके लिए मुश्किल हो सकता है। ऐसे में, योजना बनाकर चलना आपके लिए फायदेमंद साबित होगा।

तुला राशि

तुला राशि के जातकों के लिए केतु पहले भाव में मौजूद हैं। इसके परिणामस्वरूप इस दौरान आपकी रुचि रिसर्च और रचनात्मक कार्यों में अधिक रहेगी। साथ ही, आप पूरी ईमानदारी से निर्णय लेने में सक्षम होंगे। पहले भाव में केतु की स्थिति आपको आत्मकेंद्रित और आवेगी बना सकता है। हालांकि, ये लोग बुद्धिमान होते हैं और ऐसे में, अगर केतु की साथ कोई ग्रह युति करता है तो ये लोग रिसर्च के क्षेत्र में उच्च परिणाम हासिल करते हैं।

वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि के जातकों के लिए केतु बारहवें भाव में विराजमान होंगे और यदि अन्य ग्रहों की स्थिति आपके समर्थन में हैं तो इस दौरान आपका झुकाव आध्यात्मिक गतिविधियों की तरफ अधिक रहेगा। केतु का यह गोचर के कारण आपको विदेश जाने का मौका मिलेगा या विदेश में बसने के लिए आपके रास्ते खुल सकते हैं। यदि शुक्र या बुध की स्थिति नकारात्मक है तो निश्चित रूप से विदेश से नुकसान हो सकता है।

धनु राशि

धनु राशि के जातकों के लिए केतु ग्यारहवें भाव में मौजूद हैं। केतु आपके लाभ भाव में चित्रा नक्षत्र में गोचर कर रहे हैं। यदि शुक्र अच्छी स्थिति में मौजूद हैं तो इस दौरान आपके जीवन में आर्थिक संपन्नता बनी रहेगी और साथ ही धन की बचत करने में भी आप सक्षम होंगे। ज्योतिष में ग्यारहवां भाव धन और भाग्य के भाव को दर्शाता है। ऐसे में आप अपनी मेहनत से धन संचय करने में सफल हो सकते हैं।

मकर राशि

मकर राशि के जातकों के लिए केतु दसवें भाव में मौजूद रहेंगे। इस दौरान आपके अंदर साहस और पराक्रम भरपूर होगा। हालांकि, पिता के साथ आपके संबंध खराब हो सकते हैं। हो सकता है कि व्यापार में की गई कड़ी मेहनत इस दौरान रंग लाती न दिखे और आपकी प्रगति में कई बाधाएं उत्पन्न हो सकती है। वरिष्ठों से विरोध का सामना करना पड़ सकता है जिसका सीधा प्रभाव आपकी मानसिक स्थिति पर पड़ सकता है और आपकी पद-प्रतिष्ठा को हानि भी पहुंच सकती है। दसवें भाव में केतु की मौजूदगी आपको कमज़ोर बना सकती है। हालांकि, आप मेहनत करते रहेंगे और अपनी मेहनत से धन कमाने की कोशिश करेंगे और करियर में भी सफलता हासिल करेंगे।

कुंभ राशि

कुंभ राशि के जातक केतु आपके नौवें भाव में मौजूद रहेंगे। इसके परिणामस्वरूप आपको स्वास्थ्य के मामले में बेहतर परिणाम प्राप्त होगा। इस दौरान आप अपने व्यापार को आगे बढ़ाने में अधिक ध्यान देंगे और इसके लिए कड़ी मेहनत करते हुए नज़र आएंगे जिसके कारण आपका व्यापार फलेगा-फूलेगा लेकिन पैसे बचाने में असफल हो सकते हैं। इस दौरान आपको अपने बच्चों से सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होगी। यदि पिता के साथ आपकी पहले से कोई अनबन चल रही है तो इस दौरान सभी समस्याओं का अंत होगा। आपका झुकाव आध्यात्मिक गतिविधियों की तरफ अधिक रहेगा और इसी सिलसिले में आप लंबी दूरी की यात्रा अधिक बढ़ने की संभावना है।

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