केतु करेंगे नछत्र परिवर्तन

 

मेष राशि

मेष राशि वालों के लिए केतु सातवें भाव में मौजूद रहेंगे। यदि आप अपने वैवाहिक जीवन में समस्याओं का सामना कर रहे हैं तो निश्चित रूप से इस दौरान आपको राहत की सांस मिलेगी क्योंकि आपके और पार्टनर के बीच मधुर संबंध स्थापित होंगे। यदि आपकी शादी में देरी या बाधाएं आ रही थी तो निश्चित रूप से इस अवधि में विवाह के योग बनेंगे लेकिन यह शुक्र की स्थिति पर निर्भर करेगा। पार्टनरशिप में व्यवसाय कर रहे लोगों को बिज़नेस में सकारात्मक परिणामों की प्राप्ति होगी।

वृषभ राशि

वृषभ राशि के जातकों के लिए केतु छठे भाव में विराजमान होंगे। इस दौरान आपके विदेश जाने के योग बनेंगे। यदि महादशा उपयुक्त है, तो आपके विदेश में भी बसने के कई रास्ते खुल सकते हैं। केतु का यह गोचर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को सफलता दिलाने में भी मदद कर सकता है और आप अपने शत्रुओं-विरोधियों पर विजय प्राप्त कर सकते हैं क्योंकि यह आपके छठे भाव के स्वामी हैं।

मिथुन राशि

मिथुन राशि वालों के लिए केतु पांचवें भाव में मौजूद रहेंगे। इस अवधि के दौरान केतु आपके प्रेम जीवन में समस्याएं पैदा कर सकता है। छात्रों को पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई हो सकती है। हालांकि रचनात्मक क्षेत्रों से जुड़े लोगों को सफलता प्राप्त होगी, विशेष रूप से वेब डिजाइनिंग आदि क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों को। वहीं माता-पिता को अपने बच्चों की ओर से समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

कर्क राशि

कर्क राशि के जातकों के लिए केतु चौथे भाव में मौजूद रहेंगे और इसके परिणामस्वरूप माता जी के साथ आपके संबंधों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं और आपकी माता का स्वास्थ्य भी प्रभावित हो सकता है लेकिन यदि चौथे भाव के स्वामी शुक्र अच्छी स्थिति में हैं तो आप पर इस गोचर का कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ सकता है। चौथे भाव में स्थित केतु परिवार की शांति को भंग कर सकता है लेकिन यदि चौथे भाव के स्वामी और चंद्रमा शुभ स्थिति में हैं तो आप निश्चित रूप से इन समस्याओं से लड़ने में सक्षम होंगे।

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