ग्रहो के राशि परिवर्तन से क्या होता है आये जानते

 कुंडली के चौथे भाव में हंस योग से जाते को धार्मिक और आध्यात्मिक संस्था में प्रतिष्ठा और प्रभुत्व वाले पद की प्राप्ति होती है।

सातवें भाव में हंस योग रहने से राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्याति उपलब्ध होती है। साथ ही वैवाहिक सुख संपत्ति और समृद्धि मिलती है।

दसवें भाव में हंस योग से जातक को व्यावसायिक क्षेत्र में अच्छे परिणाम मिलते हैं। नौकरी पेशा वाले को सरकारी और निजी क्षेत्र में पदोन्नति और इंक्रीमेंट के साथ ही धन आगमन के कई स्रोत निर्मित होते हैं । कुंडली के सप्तम भाव मे गुरु उच्च के है तो हंस नामक राज योग मिलता है 

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